एडी मेबो (Eddie Mabo) (1936–92)
परीक्षा में नहीं यह भाग पढ़ने लायक है, पर नागरिकता परीक्षा इसके बारे में कभी नहीं पूछती।
एडी कोइकी माबो (Eddie Koiki Mabo) मूलनिवासी भूमि अधिकारों के कार्यकर्ता और प्रवक्ता थे। उनका जन्म मरे आइलैंड (Murray Island) पर हुआ था, जो टॉरेस स्ट्रेट के मेरियम लोगों (Meriam people) की पारंपरिक भूमि है।
बचपन से ही उन्हें ठीक-ठीक सिखाया गया था कि कौन-से पेड़ और चट्टानें उनके परिवार की ज़मीन की सीमाएँ बताते हैं।
कई वर्षों बाद ही एडी को पता चला कि ऑस्ट्रेलियाई क़ानून के अनुसार उनकी मातृभूमि क्राउन लैंड (Crown land) मानी जाती थी और वह उनके परिवार की नहीं थी। उन्होंने अपने क्रोध को कार्रवाई में बदला और मरे आइलैंड के लोगों की ओर से अपना मामला अदालत में ले गए।
कई वर्षों बाद, 1992 में एडी का मुक़दमा हाई कोर्ट में जीत गया। माबो निर्णय ने तय किया कि यदि एबॉरिजिनल लोग यह सिद्ध कर सकें कि उनका अपनी भूमि से ऐतिहासिक और निरंतर पारंपरिक संबंध रहा है, तो वे उस भूमि पर स्वामित्व का दावा कर सकते हैं, बशर्ते उस पर किसी और का दावा न हो। इस निर्णय के बाद बड़े भूभाग उनके मूल स्वामियों को लौटाए गए हैं।
एडी माबो को उनके साहस के लिए और एबॉरिजिनल तथा टॉरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोगों के लिए भूमि अधिकार दिलाने के लिए याद किया जाता है।
आधिकारिक पुस्तिका Australian Citizenship: Our Common Bond से